बेरोजगार किसान मजदूर महासभा रजि० मथुरा
संस्था के उद्देश्य बहुद्देशीय से संबंधित हैं
1. समिति के उद्देश्य शिक्षा के
उत्तरोत्तर विकास हेतु कार्य क्षेत्र में प्राइमरी से लेकर जूनियर हाईस्कूल,
हाईस्कूल,
इंण्टर कालेज
आवश्यकता होने पर डिग्री कालेज, तकनीकी संस्थान, आई0टी0आई0 निःशुल्क चिकित्सा संस्थान, सी०बी०एस०ई० विद्यालय, मदरसा तथा तकनीकी शिक्षा एवं दूरस्थ
शिक्षा, ग्रामोद्योगी
व कृशि शिक्षा इंजीनियरिंग संस्थानों से सम्बन्धित पोध कार्य आदि की निःशुल्क
स्थापना करना और उनका विधिवत संचालन कर बालक, युवक, युवतियों को स्वाभलम्बी एवं आत्म
निर्भर बनाना ।
2.
समिति का उद्देश्य निर्धन, अनाथ, अपंग बच्चों के निःशुल्क शिक्षा की
व्यवस्था तथा उन्हें छात्रवृत्तियाँ दिलाना व उनकी सुविधा हेतु निःशुल्क पुस्तकालय,
वाचनालय,
(छात्रावास,
क्रीडा
केन्द्रों की स्थापना करना।
3.
समिति का उद्देश्य बेरोजगार किसान,
मजदूर और गरीबों
की किसी भी तरह से सहायता करना जैसे-खेल, रोजगार, लोन विवाह, शिक्षा आदि में मदद करना।
4.
समिति के उद्देश्य राष्ट्र की रक्षा व
सेवा के लिए सर्वोपरि प्रयास करना।
5.
समिति के उद्देश्य देश में बान्ति,
भाईचारा बनाये
रखना है तथा यह संगठन सभी धर्मों, सभी जातियों के हितों के लिये कार्य करना।
6.
समिति का उद्देश्य बेरोजगार को रोजगार
दिलाने की कोशिश करना और उनकी हर समस्या में सहायता करना तथा उन्हें सही रास्ते पर
चलने के लिए प्रेरित करना और युवक-युवतियों की शादी उनके समाज में कराने का प्रयास करना।
7.
समिति का उद्देश्य लोगों को शिक्षा एवं
रोजागर के प्रति जागरूक करना जिससे दहेज़ प्रथा व अपराध को रोकने के तथा बेरोजगार
किसान, मजदूर को किसी भी प्रकार की समस्यों में उनका सहयोग करना।
8.
समिति का उद्देश्य किसान लोगों की फसल,
खेत आदि की
समस्यों में उनका साथ देना और उनके साथ खड़े रहना एवं उनकी सहायता और कृषि के लिए
शिक्षा के प्रति जागरूक करना।
9.
समिति के उद्देश्य जाति, धर्म, सम्प्रदाय, लिंग वेद न रखते हुए कल्याण के लिए
कार्य करना ।
10.
समिति के उद्देश्य जनसाधारण के पारीरिक
व मानसिक विकास के लिए खेल के मैदान व सामान की व्यवस्था कर खेलो का प्रशिक्षण
देना , मनोरंजन पार्क आदि की व्यवस्था करना व उसका विधिवत संचालन करना।
11.
केन्द्रीय व राज्य सरकार, निगम बोर्ड, संबंधित विभागों के वित्तीय सहयोग से
लोगों के कल्याण के कल्याण हेतु सुलभ प्रशिक्षण जैसे सिलाई, कड़ाई, कताई, बुनाई, हस्तशिल्पकला, वस्तुकला, दस्तकारी, दरी कालीन, ड्राइंग पेंटिंग, कला प्रशिक्षण तथा टंकण, आशुलिपि, कम्प्यूटर, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर नेटवर्किंग एवं फैशन
डिजाइनिंग एवं ब्यूटीशियन आदि का प्रशिक्षण देकर / दिला कर उन्हें आत्मनिर्भर
बनाना तथा उनमें जागरुकता पैदा करना ।
12.
संस्था का उद्देश्य निःशुल्क ब्लड बैंक
(रक्तकोश) की स्थापना करना व उसका विधिवत संचालन करना। गरीब तथा निर्धन लोगों को
निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराना।
13.
महिलाओं एवं बच्चों के सर्वागीण विकास
हेतु पहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के पिछड़े एवं मलिन बस्तियों में स्वच्छता,
साक्षरता,
परिवार नियोजन,
मातृ शिशु पोषण,
महिला एवं
14.
बाल विकास कार्यक्रम, बाल टीकाकरण कार्यक्रमों आदि को चलाना
व उनके कल्याण हेतु सरकार की रोजगार परक निःशुल्क प्रशिक्षण देना।
15.
14. नागरिकों में सामाजिक जन चेतना जागृत
करना एवं विज्ञापन, पोस्टर,
बैनर आदि के
माध्यम से एड्स से बचने के उपाय सुझाना एवं एइस पर प्रभावी अंकुश लगाने का भरसक
प्रयास करना और उनका राज्य, केन्द्र सरकार और विदेशी एजेन्सियों से पूर्ण
सहायता लेना एवं संस्था के उद्देश्यों के प्रचार-प्रसार के लिये अखबार, पत्रिका, इत्यादि एवं शासन-प्रशासन की सहायता लेना
।
16.
नागरिकों के कल्याणार्थ वर्ल्ड बैंक के
सहयोग से चलाई जा रही योजनाओं का सफल संचालन व उनकी उन्हें जानकारी देना ।
17.
नेत्रदान शिविरों, रक्तदान शिविरों के आयोजन पासन प्रशासन
की सक्षम अनुमति के उपरांत करना ।
18.
निर्धन एवं अनाथ लोगों व पिछड़े क्षेत्रों
के विकास हेतु केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के संबंधित विभागों, मंत्रालयों जैसे स्वास्थ्य परिवार
कल्याण मंत्रालय, यूनीसेफ,
इंडको, महिला एवं बाल विकास विभाग, कपार्ट, कोई, सिप्सा, नवार्ड, अवार्ड, नौराड़, डूडा, सूडा, राष्ट्रीय महिला कोश, बाल विकास पुष्टाहार, महिला कल्याण निगम, वस्तुशिल्प हस्त मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, समाज कल्याण बोर्ड, केन्द्रीय समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड,
मानव संसाधन
विकास मंत्रालय, श्रम
मंत्रालय, सामाजिक
न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, मत्स्य विभाग, राजीव गांधी फाउंडेशन, विश्व स्वास्थ्य संगठन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिशद,
अनुवित्त विकास
निगम, उद्योग
निदेशालय, लघु
उद्योग निदेशालय, अल्प
संख्यक आयोग/बोर्ड, प्रधानमंत्री
रोजगार योजना, नेहरू
युवा योजना आदि के वित्तीय सहयोग से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों
को चलाकर नागरिक का सर्वांगीण विकास करना ।
19.
समाज के अपेक्षित लोगों जैसे अंधे,
कुश्ठरोग व मूक
बधिरों, विकलांगों
व निराश्रित लाचार, वृद्धजनों
के कल्याण के लिए कार्य करना व बालाश्रम, अनाथालय एवं वृद्धाश्रम की स्थापना करना और
समय-समय पर दूध, वस्त्र,
अनाज, कम्बल, फल व दबाओं का निःशुल्क वितरण करना एवं
रैन बसेरों, पौचालयों
तथा पीने के लिये पानी की व्यवस्था करना |
20.
दैवीय आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, भूकम्प, आगजनी, एक्सीडेंट आदि के समय पीडित जनता के
मध्य राहत कार्य करना, उन्हें
दवा भोजन, वस्तु
आदि की मदद पहुँचाना तथा निःशुल्क एम्बुलेन्स सेवा उपलब्ध कराना व निःशुल्क योग
एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्रों की स्थापना करना व उनका विधिवत संचालन करना।
21.
संस्था का उद्देश्य ग्रामीण व बहरी
क्षेत्र में लघु व कुटीर उद्योग की स्थापना कर श्रमिकों व बेरोजगारों को निःशुल्क
रोजगार दिलाने का प्रयास करना तथा शिक्षण, प्रशिक्षण हेतु कच्चा माल खरीदना एवं तैयार माल
को विक्रय करना प्राप्त आय को संस्था हितार्थ व्यय करना ।
22.
सरकारी, गैर सरकारी, अर्द्ध-सरकारी विभागों, मंत्रालयों, उत्तर प्रदेश खांदी गारमोदयोग बोर्ड,
खादी आयोग,
निगमों, सरकारी बैंकों, राष्ट्रीयकृत बैंकों से आर्थिक सहायता
ऋण व अनुदान सेवा एवं अन्य सहयोग लेना।
23.
संस्था का कार्यक्षेत्र वृक्षा रोपण, प्रदूषण नियन्त्रण, जनसंख्या नियन्त्रण केन्द्रों, नशाबन्दी कार्यक्रम, आदि का संचालन करना ।
24.
संस्था का उद्देश्य पशुधन जानवरों के
स्वास्थ्य, संरक्षण,
सबर्द्धन करना व
उनके लिये पशुशाला की व्यवस्था करना व उनके प्रति मानवीय संवेदनाओं को प्रेरित
करने व जानकारी हेतु जागरूकता शिविरों का आयोजन करना।
25.
प्रदेश में तेजी से लुप्त मूल प्रजाति
गोवंश रक्षा संवर्धन विकास व गौशाला की स्थापना करना एवं उसके द्वारा आयोजित
सेमिनार आदि में भाग लेना व सहयोग करना ।
26.
सस्था का उद्देश्य समय-समय पर
सांस्कृतिक कार्यक्रमों, चलचित्र बनाना, गोठियों, स्वास्थ्य रक्षा शिविरों, पहल शिविरों, जन-जागृति शिविरों, कला प्रदर्शनी का आयोजन करना तथा प्रौढ
शिक्षा, अनौपचारिक
शिक्षा कार्यक्रम, बालाश्रम,
उन्मूलन
कार्यक्रम, गरीब
उन्मूलन, मदयनिशेध
एवं नशा उन्मूलन के कार्यक्रम चलाना, निःशुल्क नशामुक्ति केन्दों की स्थापना करना व
उनका विधिवत संचालन करना तथा सरकार का सहयोग करना ।
27.
समाज की निर्धन कन्याओं की यादी कराना
व उनका सहयोग करना, दहेज
रहित सामूहिक विवाह का आयोजन करना एवं परित्यक्ताओं व विधवाओं को पुर्नविवाह हेतु
प्रेरित करना तथा युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन करना एवं कराना।
28.
यह कि राज्य सरकार / भारत सरकार की
विधि द्वारा स्थापित बोर्ड / विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों उपाधियों
हेतु प्रदान किये जाने वाले प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा और न ही ऐसे पाठ्यक्रम
बिना राज्य सरकार / भारत सरकार की अनुमति के संचालित ही किये जायेंगे।

